बिना मास्क के सफर पर यात्रियों को देना होगा ज्यादा किराया

चालक-परिचालक सहित यात्रियों को कोविड संक्रमण से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने सख्ती बरतनी शुरू की है। बस में यात्रियों की सीट क्षमता को कम करते हुए मास्क की अनिवार्यता की है। बिना मास्क यात्रा करने वाले से 10 रुपये ज्यादा किराया वसूला जाएगा।


जल्द ही मास्क की उपलब्धता सफर के साथ बस स्टेशनों पर मुहैया कराए जाने की भी तैयारी रोडवेज की है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरएस चौधरी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण से आय व यात्रियों पर प्रभाव पड़ रहा है।


मुख्यालय की गाइडलाइन के अनुसार बस का संचालन कराया जा रहा है। चालक-परिचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि 25 से 30 सवारी ही बस में होनी चाहिए। बिना मास्क के कोई भी यात्री बस में न बैठे। इससे ज्यादा सवारी ले जाते पकड़े जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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परिचालकों को मास्क के साथ फेस शील्ड एक दो दिन में उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बिना मास्क यात्री का टिकट काटते समय 10 रुपये किराया में शामिल किया जाएगा। बिना मास्क यात्रा करते पकड़े जाने पर परिचालक जिम्मेदार होंगे।


राजस्व पर पड़ रहा असर


आरएस चौधरी ने बताया कि 17 अप्रैल शनिवार को पहली बार साप्ताहिक बंदी हुई थी। इसके बाद शुक्रवार की रात आठ बजे से क‌र्फ्यू। इसके बाद शनिवार से सोमवार सुबह सात बजे तक की बंदी से यात्रियों की संख्या में कमी आई है।


इसका असर रोडवेज की आय पर पड़ा है। रोजाना होने वाली आय घटकर आधे से भी कम रह गई। डिपो की रोजाना लगभग सात से आठ लाख रुपये आय हो जाती थी। जो घटकर तीन से चार लाख रुपये तक रह गई।


निर्धारित है लक्ष्य, वेतन की दिक्कत


रोडवेज के कर्मचारी घटती आय से बेहद परेशान हैं। कारण इनका वेतन होने वाली आय पर ही निर्भर होता है। रोडवेज में संविदा व नियमित चालक-परिचालकों को 300 से 400 किमी संचालन का भी लक्ष्य दिया जाता है।


जिसे उन्हें पूरा करना जरूरी होता है। यात्रियों की संख्या कम होने व किमी पूरे न होने पर उनकी पगार पर भी संकट के बादल गहराते दिख रहे हैं।


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